#छत्तीसगढ राजभाषा आयोग के उद्देश्य:
#छत्तिसगढ़ राजभाषा आयोग के उद्देश्य निम्न हैं:
(1) 8 वी अनुसूची में अभी कुल 22 भाषा राष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्राप्त किए है, उसी में छत्तीसगढ़ी को भी शामिल करना है।
(2) छत्तीसगढ़ी को राज काज में प्रयोग में लाना।
(3) त्रिभाषिया भाषा के रुप में मान्यता दिलाना (हिंदी, अंग्रेजी, और छत्तीसगढ़ी)।
#छत्तीसगढ़ी बोली है या भाषा:
किसी निश्चित क्षेत्र में सीमित लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा बोली कहलाती है।
बोली: बोलचाल की भाषा/आमजन की भाषा।
छत्तीसगढ़ी में साहित्य की रचना हो रही है, व्याकरण बन रहे है पूरे छत्तिसगढ़ प्रांत में बोला जा रहा है, पूरे 2करोड़ लोगों के द्वारा छत्तीसगढ़ी बोली को बोला जा रहा हैं, तो इस प्रकार देखे तो छत्तीसगढ़ी बोलीं, भाषा के सभी गुणों को धारण करता हैं,
लेकिन इसके बावजूद छत्तीसगढ़ी भाषा न होकर बोली है क्योंकि इसको 8वीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है।




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