सूर्य सरंचना -
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– सूर्य का जो भाग हमे दिखाई देता हैं उसे प्रकाशमण्डल (Photosphere) कहते हैं।
– सूर्य का बाहरी भाग जो हमे सूर्य ग्रहण के दौरान दिखाई देता हैं उसे कोटोन कहते हैं।
– कभी-कभी प्रकाशमण्डल में परमाणुओं का तुफान तेजी से निकलता हैं जो सूर्य की आकर्षण शक्ति से बाहर
निकल जाता हैं और अंतरिक्ष में चला जाता हैं इसे सौर ज्वाला या Solar flares कहते हैं।
– सूर्य आकाश गंगा मन्दाकिनी की दूसरी भुजा पर स्थित पीला तारा है ये आकाश गंगा मन्दाकिनी से 32000
प्रकाश वर्ष दूर है।
-सूर्य आकाशगंगा के केंद्र की परिक्रमा 22.5 करोड़ वर्ष मैं करते है इसे ब्रह्माण्ड वर्ष कहते है सूर्य आकाश गंगा की परिक्रमा 250 किमी /सेकंड मैं करता है।
– जब ये परमाणुओं का तुफान पृथ्वी के वायुमण्डल में प्रवेश करता हैं तो हवा के कणों से टकराकर रंगीन
प्रकाश उत्पन्न करता हैं। जिसे उत्तरी व दक्षिणी ध्रुव पर देखा जा सकता हैं।
– इसे उत्तरी ध्रुव पर:- अरौरा बोरियोलिस कहते हा और ये आयन मण्डल की परत से टकराकर उत्पन्न
होता हैं।
– दक्षिणी ध्रुव पर:- अरौरा ऑस्ट्रेलिस कहते है और ये E परत से टकराकर उत्पन्न होता हैं।
– जिस स्थान से Solarflares निकलती हैं वहां काले धब्बे दिखाई पड़ते हैं जो सौर कलंक (Sun Spot) कहलाते हैं। यह सूर्य के अपेक्षाकृत ठंडे भाग हैं जिसका तापमान 1500 Degree होता हैं। इन Sun Spot से चुम्बकीय विकिरण उत्सर्जित होते हैं, जो पृथ्वी की संचार व्यवस्था को बाधित करते हैं। Sun Spot बनने-बिगड़ने की क्रिया 11 वर्ष में पूरी होती हैं इसे Sun Spot Cycle कहते हैं।
– सूर्य में 71 % हाइड्रोजन, 26.5 % हीलियम, शेष 2.5 अन्य तत्व हैं।
– पृथ्वी से सूर्य की अधिकतम दूरी = 15.21 करोड़ किलोमीटर।
– पृथ्वी से सूर्य से न्यूनतम दूरी = 14.70 करोड़ किलोमीटर।
– सूर्य किरणों की गति 3 लाख KMPS है (18600 मी / सेकंड)
– सूर्य पृथ्वी से 109 गुना बड़ा 3 लाख गुना भारी है और 10^{26} जूल प्रति सेकंड की दर से ऊष्मा निकलती है।
– सूर्य के तीन स्तर है (1) कोड (2) रेडियो एक्टिव (3) संवहन स्तर
– सूर्य का औसत ताप 6000 डिग्री centigrade है।
– सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी पर आने में 8 मिनट 18 सैकण्ड लगते हैं।
– सूर्य का तापमान = 15 मिलियन Degree Centigrade (केन्द्र का ताप)



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