यहाँ 6 वी शताब्दी की रूद्र शिव की प्रतिमा भी पाई गईं है। यहाँ 4 व 5 शताब्दी के मंदिर अवस्थित है, जिन्हे देवरानी-जेठानी मंदिर कहते है। यहाँ जलेश्वर शिव का मंदिर है। ताला की खोज वर्ष 1873-74 में हुआ था।
✓ताला गांव में कौन कौन से 2 प्रसिद्ध मंदिरों के अवशेष प्राप्त हुए हैं?
देवरानी और जेठानी मंदिर, तालागांव - बिलासपुर जिले के पर्यटन, पुरातात्विक स्थल तालागांव, यह स्थान बिलासपुर जिले स्थित है।
✓ताला के प्राचीन मंदिर का क्या नाम है?
इतिहासकारों ने दावा किया है कि ताला गांव 7-8 वीं शताब्दी ईस्वी की है। ताला के पास सरगांव में धूम नाथ का मंदिर है। इस मंदिर में भगवान किरारी के शिव स्मारक हैं, और मल्हार यहां से केवल 18 किमी दूर है।
✓देवरानी जेठानी मंदिर को किसने बनवाया है?
इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर को शरभपुरीय शासकों के दो रानियों देवरानी- जेठानी ने बनवाया है।
✓देवरानी जेठानी बिलासपुर से कितनी दुरी पर है?
रायपुर-बिलासपुर रोड से भोजपुरी, पौसरीगांव से होते हुए जाएंगे तो लगभग 30 कि.मी पड़ेगा
✓मल्हार गांव क्यों प्रसिद्ध है?।
मल्हार बिलासपुर जिले का एक पुरातत्व स्थान है जहा 10वीं और 11वीं शताब्दी के मंदिर देखने को मिलेंगे। मल्हार बिलासपुर से लगभग 30 किमी की दूरी पर स्थित है। यहा के अधिकतर मंदिर जो हैं बहुत ही प्राचीन और सुंदर हैं जैसे- पतलेश्वर केदार मंदिर, गोमुखी शिवलिंग मंदिर और दिदनेश्वरी मंदिर।
✓ऐसा कौन सा मंदिर है?
ब्रह्मा मंदिर (पुष्कर, राजस्थान): यह भगवान ब्रह्मा का एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसे पूरे विश्व में जाना जाता है. कहा जाता है कि मुगल शासक औरंगजेब के शासन काल में मंदिरों को नष्ट करने के आदेश के बाद जो एकमात्र मंदिर बचा था वह यही है. इस मंदिर का निर्माण 14वीं शताब्दी में किया गया था.
✓डोंगरगढ़ में कितनी सीढ़ियां हैं?
प्राकृतिक खूबसूरती से घिरे इस मंदिर में दर्शन के लिए पहाडिय़ों पर बनी 1000 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।
✓महामाया कौन सी देवी है?
रतनपुर में महामाया देवी का सिर है और उसका धड़ अम्बिकापुर में है. प्रतिवर्ष वहां मिट्टी का सिर बनाये जाने की बात कही जाती है. इसी प्रकार संबलपुर के राजा द्वारा देवी मां का प्रतिरूप संबलपुर ले जाकर समलेश्वरी देवी के रूप में स्थापित करने की किंवदंती प्रचलित है.
✓छत्तीसगढ़ में कितने शक्तिपीठ है?
छत्तीसगढ़ में पांच प्रमुख शक्तिपीठ है जो पुरे देश, प्रदेश में चर्चित हैं। छत्तीसगढ़ के प्रमुख शक्तिपीठों में रतनपुर, चंद्रपुर, डोंगरगढ़, खल्लारी और दंतेवाड़ा प्रमुख है। रतनपुर में महामाया, चंद्रपुर में चंद्रसेनी, डोंगरगढ़ में बमलेश्वरी और दंतेवाड़ा में दंतेश्वरी देवी विराजमान हैं।
✓महामाया मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
आदि भवानी महामाया देवी भगवान बुद्ध की माता है इनके पिता का नाम सुप्रबुद्ध है ये कपिलवस्तु की महाराजा शुद्धोधन की महारानी थी इन्हें ही धन की देवी कहते है प्राचीन समय से ही सम्पूर्ण भारत मे इनकी पूजा होती है फसल जब घर पर किसान लाकर भण्डार कर लेते थे तब धन की इस खुशी मे दीपक जलाते थे वही आज दिवाली है किवंदती अनुसार ...



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